नमस्ते जी !!!      अब  free shipping का लाभ उठायें , आज ही अपनी मनपसंद पुस्तकें मंगवाएं  9314394421

Cart

Cart

Your Cart is Empty

Back To Shop

Tag: अग्निहोत्र

देवयज्ञ अग्निहोत्र

ओ३म् “देवयज्ञ अग्निहोत्र का करना मनुष्य का पुनीत सर्वहितकारी कर्तव्य” ========== मनुष्य मननशील प्राणी को कहते हैं। मननशील होने से ही दो पाये प्राणी की मनुष्य संज्ञा है। मननशीलता का गुण जीवात्मा के चेतन होने से मनुष्य रूपी प्राणी को प्राप्त हुआ है। जड़ पदार्थों को सुख व दुख तथा शीत व ग्रीष्म का ज्ञान …

देवयज्ञ अग्निहोत्रRead More

Cart

Cart

Your Cart is Empty

Back To Shop